पिकनिक का दिन

आखिर पिकनिक का दिन आ ही गया राजेश और विजय के ऑफिस जाने के बाद रश्मि गीता और आरती बाथरूम में घुस जाती है अपने बदन को वह साबुन से मलमल के खूब चमकाती है
लेजर से अपनी चूत और बगल के बालों को साफ करती है
उधर अजय दी मार्केट निकल जाता है वहां वह बीयर की चार बोतलें और vodka ka एक
bumper kharid lets hai
फिर मेडिकल शॉप से vigra ka पूरा एक पैकेट लेता है
फिर अपने घर आ जाता है उधर रश्मि आरती और गीता नहाने के बाद
अपने रूम में तैयार होने लगती है
लक्ष्मी आरती और गीता अपने स्तनों पर अपनी चूत पर परफ्यूम का स्प्रे करती है
ताकि जब अजय उनके साथ सुहागरात manaye और उनका रस पिए तब उसे उनकी खुशबू मिले
आरती और गीता ने लो कट ब्लाउज जो पीछे से पूरा बैकलेस था पहना था साथ में ट्रांसपेरेंट साड़ी
रश्मि ने खुले गले का ट्रांसपेरेंट सूट पहना था और दुपट्टा लिया था
लक्ष्मी आरती और गीता ने चेहरे पर हलका मेकअप
का भी किया था
तीनो बला सी सुंदर लग रही थी उनका पूरा फिगर
टाइट बूब्स उभरी हुई गांड पूरी xpose हो रही थी
अजय कातिलों घोड़ियों को देखकर लंड पैंट में ही उछलने लगा
उसका लंड पूरी औकात में आ गया था
तब आरती ने खाना पैक किया अजय ने गाड़ी निकाली
तीनों घोड़ियां कार में बैठती है अजय कार ड्राइव कर रहा था फिर वह तीनों पिकनिक के लिए निकल जाते हैं
40 मिनट की ड्राइविंग के बाद शहर से दूर अजय के दोस्त का फार्म हाउस आ जाता है वहां एक चौकीदार था
अजय ने उसे छुट्टी दे दी और चौकीदार अपने घर चला गया अजय नहीं चाहता था कि जब वह तीनों घोड़ियों को चोदे तो कोई उसे डिस्टर्ब करें
फार्म हाउस के अंदर आने के बाद अजय फार्म हाउस के गेट पर ताला मार देता है
लक्ष्मी गीता आरती और अजय फार्म हाउस के अंदर देखते हैं की फार्म हाउस बहुत बड़ा है दूर-दूर तक किसी इंसान का नामोनिशान नहीं है
एक बहुत बड़ा बगीचा है जिस पर घास बिछी हुई है उसके बाद आम लीची अमरुद के पेड़ों का एक छोटा सा जंगल है
फार्म हाउस के चारों ओर 20 फीट की बड़ी बड़ी दीवारें थी बाहर से किसी को पता नहीं चलता कि अंदर क्या हो रहा है

अजय गीता आरती और रश्मि वही घास के बगीचे पर चादर बिछा के बैठ जाते हैं हल्की हल्की धूप आ रही थी जो बहुत अच्छी लग रही थी

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