सरदार करारासिंह और मेरी मम्मी रानी का करार

हि, मैं लोलिता हूँ। मेरी मॉम कोंकणा सेन ‘कन्या स्कूल’ में शरीर शिक्षा व डांस की टीचर है। मम्मी प्रगतिशील विचारों की है इसलिए मैं भी आज़ादी से घूमती-डोलती हूँ।फिर भी हम दोनों सुबह का नाश्ता, लंच व डिनर साथ-साथ करते हैं। वो दिन 4 बजे से रात 12 बजे तक बिजी ही रहती है,क्योंकि … Continue reading सरदार करारासिंह और मेरी मम्मी रानी का करार

धौंकलसिंह राजपूत ने मुझे लोल्लीपॉप चटाया

हि, मैं लोलिता। उस दिन जब मैं स्कूल से घासीलाल हलवाई की दूकान में जलेबी खाने की मंशा से निकली तो एक कद्दावर आदमी ने मुझे रास्ते में रोक लिया। शायद वो स्कूल के गेट से मेरा ही पीछा कर रहा हो।उसने कहा कि उसकी बेटी भी यहाँ पढ़ती है पर आज मेम उसे एक … Continue reading धौंकलसिंह राजपूत ने मुझे लोल्लीपॉप चटाया

घासीलाल हलवाई ने मुझे लाड लड़ाया

मेरी मॉम  कोंकणा सेन सनातनधर्म कन्या विद्यालय बेलारानी भोसले की स्कूल में शारीरिक शिक्षा और डांस की टीचर है। मेरा नाम ललिता है जो बंगाली भाषा में लोलिता बोला जाता है पर प्यार का नाम ‘लोली’ है। स्कूल के सामने एक छोटा-सा बाज़ार है। छोटी कद के कारण सब मुझे लोली ही कहते हैं तो … Continue reading घासीलाल हलवाई ने मुझे लाड लड़ाया