मेरी मां का आशिक : भाग-४

हैलो फ्रेंड्स, जिया का निर्मल मन अब खराब होने लगा, १३-१४ वर्ष की उम्र में ही अपनी मां को किसी गैर के साथ सेक्स करते देखी तो यकीनन मेरी सोच मॉम के लिए बदल गई और खिड़की की ओर आकर मैं देखी की मॉम बिस्तर पर नंगे लेटी हुई है तो रवि उनके स्तन को … Continue reading मेरी मां का आशिक : भाग-४

मेरी मां का आशिक : भाग-३

दोस्तों, जिया मात्र १३-१४ साल की उम्र में ही अपनी मां को किसी लड़के के बाहों में देख ली तो मेरी नजर में वो चरित्रहीन महिला हो गई लेकिन मुझे ये सोचकर भी दुख होता था कि आखिर मां किसी जवान लड़के के साथ क्यों हमबिस्तर हुई, पता नहीं प्रीतम जैसे कितने लड़के मेरी मां … Continue reading मेरी मां का आशिक : भाग-३

बुर कि दुर्दशा : भाग-५

दोस्तों, जिया अपने जवानी का आनंद जमकर ले रही थी, महज २० साल की उम्र में ही बुर का सील तुड़वाई और फिर कई क्लाशमेट तो कई रिश्तेदारों के साथ शारीरिक संबंध बनाई लेकिन कभी किसी देहाती मर्द का लंड नसीब नहीं हुआ था तो अपने पैतृक गांव आकर इस ख्वाइश को भी पूरा करने … Continue reading बुर कि दुर्दशा : भाग-५

बुर कि दुर्दशा : भाग-४

फ्रेंड्स, शोभा दीदी की शादी की रस्में हो रही थी और इधर छत पर मैं अपने रघु काका के साथ सेक्स में मस्त थी, मोबाईल में समय देखी तो रात के १०:१५ बजे थे और काका के मूसल लंड पर नजर पड़ते ही मैं सहम सी गई लेकिन इसी लौड़े से तो चुदाई का मजा … Continue reading बुर कि दुर्दशा : भाग-४

बुर कि दुर्दशा : भाग-३

फ्रेंड्स, जिया छत पर थी और उसके फैले हुए जांघो के बीच काका का चेहरा था, काका मेरी बुर पर चुम्बन देते हुए उसके फांकों को अलग कर छेद में जीभ घुसाए और चाटने लगे तो उनका एक हाथ मेरे चूतड़ पर था जिसे वो सहलाते हुए बुर को लपलप चाटे जा रहे थे और … Continue reading बुर कि दुर्दशा : भाग-३

बुर कि दुर्दशा : भाग-२

दोस्तों, जिया अपने घरवालों के साथ एक शादी में शरीक होने आईं थी तो उसकी जिज्ञासा एक अधेड़ उम्र के मर्द के साथ सेक्स करने को था जिस कारण मेरी नजर रघु काका पर थी और दोनों छत पर एक दूसरे से लिपटे हुए मस्त थे कि काका ने मेरे जूल्फ पकड़ चेहरा को अपने … Continue reading बुर कि दुर्दशा : भाग-२

बुर कि दुर्दशा

फ्रेंड्स, जिया अपने जवानी के २२ वें साल में थीं, सांवला रंग तो लम्बाई ५’३ इंच मात्र, बूब्स गोल और कसे हुए तो गोल गद्देदार चूतड़ जिसपर मैं बार नहीं रखती थी, मेरे सेक्सी जिस्म का आनंद दर्जनों ने लिया था लेकिन मुझे किसी अधेड़ उम्र के मर्द के साथ सेक्स का आनंद लेना था … Continue reading बुर कि दुर्दशा

पैतृक गांव में मस्ती : भाग-८

हैलो फ्रेंड्स, पिछले भाग के आगे….. दीपा स्टेट बोरिंग के बन्द कमरे में टांगें फैलाए खड़ी थी तो चचेरा भाई विनय मेरी बुर में पूरा जीभ घुसाए चाटे जा रहा था तो उसकी उंगलियां मेरे गांड़ के दरार में थी, अब मैं कामुकता वश उसके बाल पकड़ अपने चूत कि ओर करने लगी तो मुंह … Continue reading पैतृक गांव में मस्ती : भाग-८

पैतृक गांव में मस्ती : भाग-७

हैलो फ्रेंड्स, दीपा अपने चचेरे भाई विनय के साथ गन्ने कि खेत में ओरल सेक्स का आनंद ले रही थी तो उसके कमर पकड़ लंड चूसते हुए मुझे एहसास हो रहा था कि मेरे मुंह में उसका लौड़ा टाईट हो रहा है और खेत खलिहान घूमने के बहाने अगर चुदाई हो जाए तो क्या प्रॉब्लम, … Continue reading पैतृक गांव में मस्ती : भाग-७

पैतृक गांव में मस्ती : भाग-६

हैलो दोस्तो, उम्मीद करती हूं कि आप सबों को मेरी सच्ची कहानी अच्छी लग रही होगी तो अपने पैतृक गांव में रहना अच्छा लग रहा था जहां काफी शांति थी लेकिन अपने आदत के कारण दीपा शारीरिक संबंध भी बना ली, अगले सुबह उठकर फ्रेश हुई फिर चाय पी ही रही थी की विनय मेरे … Continue reading पैतृक गांव में मस्ती : भाग-६