शीलहरण का अड्डा

मैं कोकलाप्रसाद शास्त्री, 59 वर्ष, नई दिल्ली। मैंने पिछली बार बताया कि हमारे दफ्तर में 18 मर्द और 9 महिलाएं / स्त्रियाँ / नारियां काम करती हैं।। इन नारियों अर्थात कामिनियों में से 4 का मैंने परिचय दे दिया था कि मैंने किस तरह से इन चार का मजा लिया। बाकी बची पाँच? क्या मैंने … Continue reading शीलहरण का अड्डा

पापा के बाद प्रिंसिपल सर ने माँ और मेरा ख्याल

मेरी माँ और प्रिंसिपल सर का अफेयर ( प्रिंसिपल सर ने पापा के बाद ख्याल रखा ) नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अविरल राजपूत है, इन्टरनेट पर मै बहुत सी कहानियां पढ़ चूका हु, लेकिन ये सब कहानियां मुझे झूटी लगती है, कहानियो का व्यापर अच्छा चल रहा है इसलिए लोग कई फर्जी कहानियां बनाकर लोगो … Continue reading पापा के बाद प्रिंसिपल सर ने माँ और मेरा ख्याल