जी भरके बबीता का मुंह चोदा।

मेरी नींद खुली तो मैंने देखा मेरा लौड़ा, मेरे पैरों के बीच बिल्कुल तनकर खड़ा हो गया है। थोड़ी देर मैंने अपने लंबे और मोटे लौड़े को निहारा और अपने झांटे सहलाने लगा। आज मेरे लौड़े को देखकर ऐसा लग नहीं रहा था कि हिलाने से काम बनने वाला है। मेरे आंड में चुदाई की खुजली दौड़ रही हैं। देखते है आज कौन चुदने वाली है।
अपने बिस्तर से उठते ही मैंने डोरबेल की आवाज़ सुनी। जल्दी से अपने बॉक्सर्स पहन कर मैं दरवाजे की ओर भागा। दरवाजा खोलते ही मेरी नजर बबीता से पहले उसकी छाती पर पड़ी। हाए मेरी खुशकिसमती! क्या बड़े बड़े चूचे है उसके। आज तक बबीता को देखकर मुझे उसे चोदने का ज्यादा मन हुआ नहीं, पर आज मेरा लंड जवाब दे रहा था।
उसने मुझे चूचे ताड़ते हुए पकड़ लिया, पर गुस्सा नहीं हुई। वह घर के अंदर आयी और सीधे किचेन में काम करने चली गई।
बबीता को देखकर अब तक आश्चर्य होता है कि वह बस 21 की है, यानि मुझसे 5 साल छोटी। उसकी बड़ी सी गांड देखकर तो लगता है वह बोहोतो से चुदी है, जिन्होंने उसकी गांड और चूचे दोनों ही मसल मसल कर बड़े कर दिए है। जिनमे से मेरे पड़ोसी भी एक है। और आज मैं भी जुड़ने वाला हूं।
मैंने नीचे देखा तो मेरे बॉक्सर्स से मेरे लौड़े का गुलाबी टोपा लटक रहा था। बबीता ने मेरा टोपा देख लिया इस बात से मेरा जानवर और ज़्यादा जोश में आ गया। लौड़ा सहलाते हुए मैं किचेन में जाकर उसके पास खड़ा हो गया।
“बबीता, चुदेगी मुझसे?” मैं अपने बॉक्सर्स पर से अपना खड़ा लंड पकड़कर बोला।
उसके काम करते हुए हाथ थम गए, और एक सेकंड को तो मेरी सांस ही रुख गई। मुझे ये सब सोच कर करना चाहिए था। कहीं वह पुलिस के पास तो नहीं चली जाएगी? अब क्या होगा?
“2000 लगेंगे, साहब,” वह मुझे आँखों में देखकर बोली। उसके बोलने के ढंग से मालूम पड़ रहा था कि वह यही तो चाह रही थी।
मैंने जोर से सांस ली और कहा, “जो चाहिए मिलेगा, साली।”
समय ना जाया करते हुए मैं उसे हॉल में ले गया। उसे सोफे पर बिठाकर मैं उसके सामने खड़ा हो गया। उसने अपने हाथ अपनी जांघ पर रख दिए। मैंने फटाफट उसकी चोटी खोल दी और उसका दुपट्टा खींचकर जमीन पर फेक दिया। अब उसकी कमीज से मुझे उसके रसीले चूचे दिख रहे थे। उसकी सांसे तेज होने लगी।
मैं हवस से पूरा जानवर बन चुका था। मेरा लौड़ा बॉक्सर्स में ही उछल रहा था और मेरे आंड बोहोत भारी हो गए थे। वह ये सब देख पा रही थी। उसके बालों को एक मुट्ठी में कस के पकड़कर मैंने उसका मुंह अपनी जांघ पर रख दिया और अपने लंड पर जोर जोर से मसलने लगा। जवाब में वह कुतिया की तरह मेरा लंड सूंघने लगी और कराहने लगी।
“आह कुतिया.. कुतिया है ना तू मेरी? भौक के दिखा, साली।” मैं उसके बाल खींचकर उसके मुंह पर थूका।
दूसरे ही सेकंड वह जोरो से भौंकने लगी और मेरे बॉक्सर्स को अपने दांतो से खींचने लगी।
“ओह, कुतिया को मेरा लौड़ा चाहिए? चल अपने दांत से मेरे बॉक्सर्स उतार, साली रंडी।” मैं जानवरों की तरह कराहने लगा।
वह भूखी कुतिया की तरह मेरे बॉक्सर्स उतार ही रही थी कि मैंने उसके बाल खींचकर उसे जोरसे जमीन पर फेक दिया। अपने घुटनों से अपना बॉक्सर्स उतार कर मैं उसके सामने पूरा नंगा खड़ा हो गया। अब मेरा लंड काफी बड़ा हो गया था। वह ये देखकर हैरान हो गई।
“ये कितना बड़ा…” अपना पूरा लौड़ा एक ही बार में उसके मुंह में डालकर, मैं धीरे धीरे उसके गले के नीचे उतरने लगा। मैं देख पा रहा था कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, और इसी वजह से घुटन होने लगी थी, पर मैंने अपना लौड़ा निकाला नहीं। अब उसकी नाक मेरे झांटे सहला रही थी और उसके गले की गर्मी मेरे लौड़े को बोहोत मजे दे रही थी। मेरे आंड उसके निचले ओठ चूम रहे थे। दम घुटने की वजह से उसकी आंखों से पानी भी बेह रहा था। मैंने अपना लौड़ा उसके मुंह से जैसे ही निकाला, उसकी सांसे वापस आ गई और मैंने देखा मेरा पूरा लंड उसकी थूक से सजा हुआ है। बिना उसे दूसरी सांस लेने का समय दिए, मैंने फिर से अपना लौड़ा उसके गले में डाल दिया, और उसका मुंह चोदना शुरू कर दिया। वह भी मेरा झांटा सूंघ-सूंघकर मेरा लौड़ा मजे से चूसने लगी। उसकी तेजी की वजह से उसकी चूचियां हिलने लगी। जब भी मैं अपना लौड़ा निकालता, वह मेरे लौड़े का टोपा चूसने लगती और जोर जोर से पूरा लंड चाटने लगती।
“आंड चूस, रंडी।” मेरे बोलते ही उसकी गीली जीभ मेरे लटकते आंड से चिपक गई और बड़ी ही आसानी से वह मेरे बड़े बड़े आंड अपने मुंह में समाकर कुतिया की तरह चूसने लगी। मैं मजे से कराह रहा था और उसके बाल खींच रहा था। धीरे धीरे मैं आंड से उसका मुंह चोदने लगा। मेरे आंड पर उसके मुंह की फूर्ति देख, मेरा लौड़ा और खड़ा हो गया। अब मेरा बोहोत मन हो रहा था कि मैं उसके गले के अंदर अपना सारा माल छोड़ दू। मैं जबदस्ती उसका मुंह अपने आंड से अलग करने लगा। मेरे आंड नर्म और बोहोत भारी हो गए थे। वह मुझे भूखी नजरो से देखने लगी। मेरी हवसी निगाहें उसके सूजे हुए लाल ओठ पर जा रूकी।
“थूक मेरे लौड़े पर, साली,” मैं उसका मुंह लंड के पास लाके बोला। वह मेरे लौड़े पर जोरसे थुकी और अपने एक हाथ से मेरा लौड़ा हिलाने लगी, और दूसरे हाथ से मेरे गीले आंड सहलाने लगी। आह, क्या रंडी पाई है। इसे मैंने पहले क्यों नहीं चोदा?
मैं फिर अपना लौड़ा उसके ओठ तक ले गया और जबरदस्ती साली का मुंह खोला। मुंह खुलते ही लौड़ा एकदम अंदर दे दिया और उसकी नाक अपने झांट पर रगड़ने लगा। और इस बार कुत्ते की तरह उसका मुंह बिना रहेम चोदा। इतना चोदा, इतना चोदा कि उसकी लार मेरे आंड पर, मेरी जांघ पर और मेरे घुटने पर तक टपकने लगी। मेरा पूरा शरीर हवस से कांपने लगा और मेरे पैर ढीले पड़ने लगे। मैं देख रहा था कि वह भी अब थक रही थी, पर मैं बिना रुके उसे चोदे जा रहा था और वह एक रंडी की तरह मुझे आंखों में देख रही थी। मेरी सांसे तेज हो रही थी। अब मैं बस कुछ ही पल दूर था। मेरे आंड सख्त होकर कांपने लगे। मैंने उसके गले के अंदर एक आखरी धक्का लगाया, और दहाड़ उठा। वैसे ही मेरे लौड़े से माल गिरने लगा। वह अपनी जीभ आगे कर मेरा माल लौड़े से चूस-चूसकर निकालने लगी। जब मेरे लौड़े ने पूरा माल उसके मुंह में निकाल दिया, मैंने उसके बाल जोरसे खींचकर उसका मुंह पकड़ लिया।
“पी जा, कुतिया।” मैं फिर उसके मुंह पर थूककर बोला। उसकें आखरी बूंद पीने के बाद, मैंने चैन की सांस ली और उसे खड़ा कर दिया।
बेडरूम में जाकर अपने वॉलेट से 2000 निकाला, फिर उसके पास आकर उसकी कमीज के अंदर, चूचियों में डाल दिया।
“जा काम करले,” मैं उसकी गर्म शरीर ताड़ते हुए बोला। वह अपनी हवसी आंखों में सवाल लिए किचेन कि और चल दी।

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Kamartodchudai

Hello mere garam dosto. Mujhe chudai ki kahaniya likhna bohot pasand hai. Aapke liye Nayi Nayi stories likhti rahungi. Agar aapko meri stories pasand aati hai, to mere email pe ping kare.. [email protected]