नौकरानी अनिता को रंड़ी बनाकर चोदा

अनिता मेरे घर मे रोज काम करने आती थी और एक दिन मै उसको घर मे ही चोद लिया! अनिता 24 साल की शादि शुदा लड़्की/औरत थी, कोई बच्चा उसको नही हुआ था तो शरीर का साईज 32-26-34 थी, उसके चेहरे से लेकर पैर तक सुंदरता की बजाय कामुकता भरी हुई थी, उसके गठीले स्तन और भारी भरकम चुत्तर को देख लंड़ फ़ुफ़्कारने लगता था ! चुदाई के अगले दिन वो मुझसे बात करने की कोशिश मे थी और फ़िर शाम के बेला मे जब वो आई तब मम्मी बाज़ार निकली हुई थी और दोनो घर मे अकेले थे, अनिता बाल्कोनी मे मेरे पास आई और बोली…… “राहुल साहेब कुछ बात आपसे करनी है

(राहुल) जरुर बोलो क्या बात है

(अनिता) जी मुझे कुछ पैसे की जरुरत है

(राहुल) कितना पैसा चाहिये

(अनिता) 2000 रुपये की एक महिने मे वापस कर दुंग़ी

(राहुल) पैसे दे दुंग़ा लेकिन वापस नही चाहिये बल्की मजे तेरे साथ करुंग़ा, क्या देगी अपना मस्त…….. ” वो सर हिलाकर रजामंदी दे दी और मै उसे 2000 रुपये दे दिये !

अगले दिन अनिता के साथ उसके घर पर ही मौज मस्ती करना था, तो मै कालेज के लिये निकला और फ़िर बाज़ार जाकर एक दुकान से बियर का केन खरीदकर सुनसान इलाके मे पी लिया ! अनिता के आने का समय हो चुका था और मै उसका इंतज़ार करने लगा, कुछ देर बाद अनिता मेरे पास आई और मेरे साथ बाईक पर बैठ गयी, वो साड़ी और ब्लाउज मे मस्त माल दिख रही थी, ड़ीप गले के ब्लाउज मे कैद चुचि फ़िलहाल मेरे पीठ से दब रहे थे ! तकरिबन 20 मिनट के बाद उसके घर पहुंचा, वो अपने घर का दरवाजा खोली और फ़िर दोनो अंदर थे ! अनिता का पति एक कारखाना मे काम करता था और वो शाम के पहले लौट्ने वाला नही था, अनिता दरवाजा बंद की और मेरे सामने खड़ी होकर अपने साड़ी को खोलने लगी, उसके खुबसुरत जिस्म पर ब्लाउज और साया था तो बूब्स का उपरी हिस्सा ब्लाउज से निकलने को आतुर था जबकी उसकी चुचि ब्लाउज फ़ाड़ कर निकल जायेगी….. ऐसा लग रहा था ! इसारे से अनिता को अपने पास बुलाया तो वो मुस्कुराते हुए मेरे जङ्हा पर अपने चुत्तर को रखकर बैठ गयी, मेरे गले मे बाहो का हार ड़ालकर मेरे गाल चुमने लगी तो मै उसके पीठ को सहलाता हुआ उसके ब्लाउज की ड़ोरी को खोल दिया ! अनिता के दोनो स्तन उजले ब्रा मे कैद थे तो वो मेरे ओंठ को चुमने लगी और मै अपना जिभ उसकी मुह्न मे ड़ाल दिया, वो मेरा जिभ चुसने लगी तो मै उसके स्तन को ब्रा से मुक्त कर दिया ! अनिता के स्तन को मसलता हुआ मस्त था तो वो जिभ को कुछ देर तक चुसी और फ़िर मेरे शर्ट को खोलने लगी, वो मेरे जिंस को निकालकर मेरे सामने ज़मीन पर बैठी और मेरे चड़्ही को उतारने लगी ! मेरा मुसल लंड़ उसके हाथ मे था तो वो उसपर चुम्बन देते हुए झांट नोचने लगी और मै उसके स्तन की गोलाई को पुचकारने लगा, अनिता मेरे लंड़ को चुमने लगी और फ़िर मेरे पुरे लंड़ को मुह्न मे भरकर चुसने लगी ! अनिता जमीन पर मेरे पैर के पास बैठे लंड़ को चुस रही थी तो मै उसके चुचि को दबाने लगा, कुछ देर बाद अनिता लंड़ को मुह्न से बाहर करके जिभ से लंड़ चाटने लगी, वो सुपाड़ा से लंड़ के जड़ तक जिभ फ़ेरते हुए मस्त थी ! मुझसे नज़र मिलाते हुए वो दुबारा मेरे लंड़ को मुह्न मे ले ली और सर का झट्का देते हुए मुखमैथुन करने लगी, मै उस रंड़ी के बाल को कसकर पकड़ा और फ़िर लंड़ का झट्का देते हुए उसके मुह्न को चोदने लगा ! कुछ देर बाद वो लंड़ को मुह्न से बाहर करके बाथरूम भागी !

अनिता उधर से आई तो उसके बदन पर मात्र एक साया था, उसके उपरी भाग नग्न थे तो उसकी चुचि और निपुल देख मेरा मन उसके स्तन को चुसने को हो गया ! उसको अपने करीब बिठाकर मै अपना मुह्न उसके स्तन पर लगाया और चुचि चुसते हुए दुसरे स्तन को मसलने लगा, मेरा खम्बा सा लंड़ उसकी हाथ मे था तो मै अब अनिता के दुसरे स्तन को चुसता हुआ उसके साया के नाड़ा को खोल दिया और वो साली रंड़ी अपने साया को चुत्तर से बाहर कर दी ! मै अब उसकी चुचि छोड़कर पुछा……. “बुर साफ़ है की नही

(अनिता) खुद देख लो साहब बिन बार के बुर है मेरी

(राहुल) ओह मतलब की पिसाब करके साबुन से साफ़ की थी मुझे तेरी बुर चाटनी है

(अनिता उठ्ते हुए) अभी बुर को साबुन से साफ़ करके आती हु. ” और वो मेरे सामने से चुत्तर को मट्काते हुए बाथरूम की ओर गयी ! उसके चुत्तर के दोनो हिस्से आपस मे टकराते हुए मेरे लंड़ को उकसा रही थी, वो पल भर बाद वापस आई तो मै उसको सोफ़ा के किनारे पर बैठने को बोला ! वो अब अपना टांग़ फ़ैलाये बैठी थी तो मै ज़मीन पर बैठकर बुर दर्शन करने लगा, अनिता की बुर मुरब्बे की भांति फ़ुली हुई थी तो मै अब बुर पर चुम्बन देता हुआ उसके स्तन को मसलने लगा, अनिता मेरे बाल पर हाथ फ़ेरते हुए ‘आअह्हह ऊम्मम राहुल साहेब बुर को चाटिये ना ‘ बोली और उंग़ली की मदद से बुर फ़ल्काने लगी ! अनिता की चुत रसिली और दोनो फ़ांक के बिच थोड़ी सी दुरी थी, अब मै उसकी चुत मे जिभ ड़ालकर चाटने लगा तो अनिता सिसक रही थी ‘आह्हह ऊह्हह्ह बहुत मजा आ रहा है राहुल जमकर बुर चाटो ‘ मेरा जिभ उसकी बुर की गहराई तक जाकर चोद रहा था तो मेरा हाथ स्तन को मसलता हुआ अनिता को गरम करने मे लगा हुआ था ! कुछ देर तक बुर कुरेदने के बाद मै अनिता की ब्रेड़ पकोड़ा की तरह के बुर को मुह्न मे भर लिया और चुभलाने लगा, पल भर तक बुर को चुसा और फ़िर बाथरूम चला गया !

दोनो फ़्रेश हुए और अनिता के बेड़ पर चले गये, उसे कोहनी और घुट्ने के बल करके चुत्तर के सामने लंड़ पकड़े बैठा, फ़िर लंड़ को बुर मे पेलने लगा, आधा से ज्यादा लंड़ अनिता की बुर मे था और मै कमर कसकर पकड़े एक जोर का धक्का बुर मे दे दिया तो वो चिहुक उठी”ऊईइ आह्हह्ह बाप रे कितना मोटा लंड़ है तेरा आराम से चोदो ना ‘ और मै तेज गति से अनिता की बुर को चोदने लगा ! अनिता पिछे मुड़कर देखी और अपने गांड़ को आगे पिछे करते हुए चुदाई का मजा दुना करने लगी, मै चोदता हुआ उसके सिने से लटकते चुचि को पक्ड़ा और जोर-2 से मसलने लगा, दोनो चुदाई के कर्म मे लिन थे तो वो अपने चुत्तर को जोर-2 से हिलाने लगी “आअह्हह ऊह्हह्ह और तेज चोदो ना मेरी बुर से पानी आने पर है ” और मै चोदता रहा ! कुछ देर के बाद अनिता की बुर से रस फ़ेंकने लगा तो मै उसे चित लिटाकर अपना मुह्न बुर पर लगाया, फ़िर लपालप कुत्ते की भांति बुर के रस को जिभ से चाटने लगा, अब मेरा लंड़ झड़ने के करीब था तो उसके चुत मे सुपाड़ा पेला और पुरा लंड़ अंदर ड़ालकर चोदने लगा ! अनिता को चोदते हुए मै उसके चुचि को मसलने लगा तो वो ‘आह्हह ऊह्हह्ह राहुल बहुत मजा आ रहा है और जोर से चोदो ना यार ‘ बोलने लगी, मै अनिता के बदन पर सवार होकर चोदने लगा तो वो मुझे कसकर पकड़ ली और अपने चुत्तर को उपर निचे करने लगी ! मै अनिता के ओंठ को चुम रहा था और दोनो अब चुदाई के चरम पर थे, अब मै हांफ़ने लगा ‘ये लो साली अब मेरा विर्य झड़ा ‘ मेरा लंड़ बुर मे विर्य स्खलित करके शांत पड़ गया और हम दोनो कुछ देर तक एक दुसरे से लिपट कर सोये रहे !

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Linga11

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