Meri Kavya Di – Part 1

हेलो दोस्तो. मेरा नाम राकेश है और मेरे दोस्त मुजे प्यार से रोकी बुलाते है मै 6 फिट का जवान हूं. यह बात मेरी प्यारी काव्या दी की है. मेरी दी मुज से तीन साल बड़ी है दिखने में गोरी काफी सेक्सी और 5.7″ उंची है। छरहरा बदन, तीखे नैन, और कमाल की फिगर जो भी देखता उनको, लट्टू हो जाता। में कब उनपे लट्टू हो गया और वे मुझ पे, दोनो को बहोत साल तक पता ही न था और बाद में मदहोशी का वो तूफान चला जो हमें प्यार वाली चुदाई की और ले चला।

ये लंबी कहानी है और लंबी चलेगी इसके कई मोड़ है मेरी और दी की चुदाई की एक बात में से आपको अगली पिछली बातो का पता चलता रहेगा। इस पूरी बात के कई अंक आएंगे उसमे काव्या दी के साथ दो महीने चुदाई की हरेक बात,और हमारी एकदूसरे की प्रति जो भी सोच रहे थे में आपको कहूंगा। बात के मुख्य पात्र इस प्रकार है में, काव्या दी और अमीत जीजू, उनका पाँच साल का बेटा आरव उर्फ चिंटू, और बाकी के पात्रों का संक्षिप्त में परिचय उनके आने के समय करवाता रहूंगा। लंडन आने से पहले की और मेरे इंडिया लौटने के बाद कि पूरी बात मे आपको इससे अलग नई कहानी में कहूंगा।

ये बात मेंरी लंदन ट्रिप की है,अपने दोस्त की शादी में जाना हुआ और जीजू के सिंगापोर से वापस लौटने तक में अपनी काव्या दी के साथ रहा था। उनके साथ रहने पर हररोज कुछ न कुछ हमारे बीच मे बढ़ रहा था। जो बाद में हमे चुदाई की और ले गया वो दरसल बचपन का प्यार था। हम दोनों ने कई बार चुदाई की हम दोनो इसको गलत नही मानते प्यार की चुदाई गलत कैसे होगी? ये शुरू की बात है जब हम दोनों ने अपनी अधुरी दबी हुई वासना को पूरा किया। और बाद में प्यार के समंदर मे तैरने लगे आज भी तैर रहे है।

अभी में आपको उस शाम की बात कर रहा हु जब से मेने और दी ने लंदन में घर पे चुदाई करना शुरु किया। में दी को बचपन से बहोत प्यार करता हु और दी मुजसे, दी भी जानती है कि मे और मेरा लंड, दोनो उनपे मरते है। हर किसी के जीवन मे ऐसा वक़्त आता है जब उसके आसपास उसे सबकुछ अच्छा लगने लगता है, चारो और खुशीया नज़र आने लगती है, दिल मे गिटार बजते है और लन्ड पे चढ़ाई करने की खुमारी छा जाती है। मेंरा वक्रत भी ऐसा ही चल रहा था लेकिन में खुशनसीब था कि मेरी प्यारी दी भी यही महसूस कर रही थी और दी की चूत भी मेरे लन्ड के लिए प्यासी होकर मचल रही थी।

उस दिन सुबह मेने जब दी को प्यार से कहा की अब मुजे तो हो रहा है आपको अपने आसपास मेरा प्यार महसूस हो रहा है? दी का चेहरा लाल टमाटर जैसा हो गया था मुजे प्यार से बाय बोल कर जॉब पर निकलने लगी। तब मैंने झपट लगाके दी को पीछे से पकड़के अपनी और खिंच लिया। मेंने सिर्फ उन्हें जकड़ लिया देख रहा था कि दी क्या सोच रही है? मेरी पकड से दी इतनी गर्म हो गई थी कि उनका चेहरा कांप गया था। मेने उनकी कमर को सहलाते हुए कहा दी आज रात आपको को सोने में देर हो जाएगी। तब दी ने शर्माते हुए मेरी पकड़ छुड़ाने का प्रयास करने लगी। मेने दी के आफिस टाइम का लिहाज़ करते हुए दी कि चुचियो पर हल्के से दोनों हाथ रख दिये जिससे दी ने अपनी आंखें बंद कर ली और मेने दि को ऑफिस तक छोड़ने का बोला दी ने प्यार से बोला कि, आज तुम मुजे कही से भी छोड़ने के मूड में नही हो।

सच मे दी ने मेरा मन पढ़ लिया था और ऐसा ही था। रास्ते मे एक मस्त व्यू पॉइंट आता है वो कमाल की नेचर प्लेस है। वहा पे बारिश में लोगो की आवा जाही कम होती है । वो जगह पे दी के साथ चुदाई का मेने प्लान किया था। मेने होल में धीरे से दी की चुचिया सहलाते हुए गाल पे एक किस किया बाद में दी चुप चाप सीधी डोर खोल के बाहर निकल गई। जब दी ने जाते हुए मुड़ के मेरी और हसके देखा तब में उनके स्कर्ट में छुपे प्यारे से सख्त गोल चूतड़ देख रहा था। ये देख कर दी ने एक प्यारी फ़्लाइंग किस देकर शाम को जल्दी वापस आउंगी बोला और चली गई।

अब आगे में सीधा आपको रियल टाइम सिचएशन में ले चलता हूं, जिसे आपको तब का प्यार और चुदाई का माहौल अछी तरह से महसूस हो सके।

महीना 1, दिन 12वा

मेने चिंटू को उस्की नैनी (केर टेकर) जैस्मिन के पास छोड़ा और उसे कहा कि में बारिस में दी परेशान होगी इस लिए में अभी दी को लेने लंदन जा रहा हु।L तुम चिंटू को उसके क्लासमेट की बर्थ डे पार्टी में ले जाना हम सात बजे के आसपास चिंटू को बर्थ डे वाले घर से ही पिकअप कर लेंगे। जैस्मिन ने कहा ओके बाद में चिंटू को यही बताया और जल्दी से दी को कॉल लगाया।

पूछा कि आप कहा पर हो दी? में उनको सरप्राइज देना चाहता था। दी तो अभी ऑफिस में ही थी। वे पांच बजे निकलने वाली थी। मेने कहा कि में आता हूं आपको लेने। उन्हों ने धीरे से बोला कि मुजे लेने या मेरी लेने आ रहे हो?? मेने मुस्करा के कहा दोनो को। वो फ़ोन पे मुस्कराते बोली देख बारिश है इसलिए आना मत, में खुद आ जाउंगी। मेंने कहा सोच के कुछ करता हु वैसे भी मुजे कुछ लन्दन से लेना है।

दी ने बोला क्या? कुछ नही रात के लिए थोड़ा जरूरी शॉपिंग। तब तो दी शर्मा के ज्यादा कुछ बोला नही, बस मत आना कहके फ़ोन रख दिया। मुजे बाद में पता चला कि दि ने आज रात चुदाई के लिए कंडोम, अपने लिए टेबलेट्स, लुब्रिकेशन जेल, और बाकी सब कुछ दोपहर में ही ले लिया था।

मेने घड़ी देखी तो चार पन्द्रह बजे थे और लन्दन यहा से 75 किमी की दुरि पे पड़ता है।इसलिए में जल्दी से निकला तभी अमित जीजू का सिंगापोर से कॉल आया वो उठाना पड़ा। और हालचाल पुछ के मेने कहा दी को लन्दन से लेने के लिए निकलना था।जीजू ने भी कहा कि बारिश में आनेजाने में काव्या को काफी परेशानी होती है तू चला जा। बाद में बात करता हु में अब सीधा दी को पिक करने निकल पड़ा।

लन्दन बारिश के कारण में पांच पन्द्रह को पहुचा और दी कि ऑफिस जा के देखा तो दी तो निकल चुकी है और में थोड़ा उदास हो गया जब में नीचे कार पार्किंग में पहुचा तो देखा कि दी कार के पास खड़ी खड़ी मुस्करा रही है।

में इतना खुश हो गया कि सीधा उनसे जाके लिपट ही गया। दी ने ये मेरी प्यास महसूस की और मुजे प्यार से गाल पे चूमी ली और आने का थेक यू बोला। मेने कहा कैसे नही आता, आपको और आपकी, जो लेनी थी। दी शर्मा गई और मैने दी के लिए कार का दरवाजा खोला और वो मुस्कुरा के अंदर बेठ गई। उनके पास दो बड़ी शॉपिंग बैग्स थे। मेरे पूछने पर उन्हों ने कहा कि रात के लिए दी ने शोपिंग की थी ये जानके में दी के सामने देखता ही रह गया। क्या लिया पूछने पर दी ने कहा उतावला क्यो हो रहा है? रात को पता चलेगा।

और मैने रात के बारे में सोचते सोचते कार घर की और दे मारी। क्यो की वो व्यू पॉइंट यहा से 20 मिनट की दूरी पे था। वहां जा के दी को गर्म भी तो करना था। 7 बजे तक तो हमे घर पहुचना था। व्यू पॉइंट पे जाके देखा तो अभी बारीश थोडी थी और ठंडी हवाएं चल रही थी। फिर भी वहां का सीन कमाल का था में नीचे उतर के देखने लगा बाद में दी भी मेरे पास आके सट गई और बोली ईट्स ब्यूटीफुल। मेने उनके सर को चुम के कहा हा आज की बात ही और है।

और दी मेरी आँखों मे देखने लगी जैसे अपने आप को ढूंढ रही हो। मेने आसपास देखा तो हम अकेले थे। इसलिये दी के होठों को चूमने के लिए में जुका। तब दी ने अपनी आँखे बन्ध करकर मुजे ग्रीन सिग्नल दे दिया और मे भी दी को उनकी शादी के बाद पहली बार चूमा। पहली किस हमने दी की शादी से कुछ दिन पेहले की थी। थोड़ी देर दी के होठो और गर्दन को चूमने के बाद दी को बोला दी चलो कार में बैठे आपको ठंड लग जाएगी। तब दी ने कुछ नही होगा ऐसे कहते हुए मेरे लन्ड पर अपनी नज़र टिकाई। जैसे कह रही हो की तुमारे लन्ड के रहते मुजे ठंड कैसे लग सकती है? में उनका इशारा समज गया और कार में दीदी की चुदाई का सपना पूरा होगा ऐसा मुजे पक्का लगा।

लेकिन जब मैने सोचा कि आज इस जगह पे पहली बार दी को कार में चोदना ठीक नही घर पे आराम से चोदना ही बहेतर रहेगा। लेकिन दी को रात के लिए गर्म करना पड़ेगा ये सोचकर कार में बैठते ही मेने दी कि जांघों को स्कर्ट के ऊपर से सहलाने लगा। दी अपनी सीट पीछे करके ज़ुक गई और मुजे देखने लगी। मेने पिछली सीट पर से तकिये लेके फ्रंट सीट के बीच रख दिये ताकि बाद में कोई दिक्कत न हो। दी ये सब मेरा जुगाड़ देखकर हस रही थी बाद में सीधा उनके तरह मुह कर दायें हाथ से दी कि चुचिया सहलाने लगा। जिस से दी की सांस बढ़ने लगी। और वो भी अपने हाथ मेरी जांघ पे फेरने लगी और मेरा लन्ड खड़ा होने लगा।

थोड़ी देर तक हम दोनों चुप थे तब दी ने कहा कि आज यहां पे मेरे साथ सुहाग रात मनायेगा? मे दी कि बात पे हस पडा लेकिन दी के चेहरे पे टेंशन था शायद कोई हमे चुदाई करते देख ले और पूरा काम बिगड़ जाए। मैंने दी को प्यार से चूमते हुए कहा कि दी इतनी साल की मन्नत के बाद मिली हो आप, आपको पहली बार कार में कैसे चोद सकता हु?? मेरे मुह से खुद को चोदने का शब्द सुनकर दी का मुह टमाटर जैसा लाल हो गया। एक बात बताउ, दी के सामने गाली, गन्दे शब्द और बाते प्यार से बोलो तो उनको बहोत अछे लगते है ये दि ने मुजे बताया था।

मेने दी से कहा अभी तो यहां पे सिर्फ ट्रेलर होगा पिक्चर अभी घर पे बाकी है मेरे दोस्त। सुनकर उन्हों ने कहा बच गई मेंने कहा थोडी देर के लिए। अब दी थोड़ी मुस्कुराई और रिलेक्स हुई क्योकि पहले भी उनकी इसी कार में कई बार चुदाई हुई है लेकिन वो पिछली सीट पे और किसी सैफ जगह पे जीजू के साथ,दी को भी कार में चुदने का काफी आदत है दी के साथ कार सेक्स जीजू का फेवरिट है पर आज रात को दी घर पे चुदना चाहती थी।

मेने भी आज थोड़ा खुद पे कंट्रोल रखा था ये जगह लन्दन और घर के रास्ते मे पड़ती है दी कि चुदाई तो यहा पे बाद में कर ही सकता हु। मेने अब दी को गर्म करने पर ध्यान दिया और उनको चूमने लगा साथ मे उनकी टांगों और चूचियो पर मेरे हाथ घूमने लगे। दी ने ऑफिस का ब्लेज़र पहना था इसलिए उनकी चुचिया पर कोई दबाव नही पड़ रहा था। दी ने अपने आप ही निकाल कर पीछे रखा,वैसे तो दी ऑफिस के टाइम वाइट शर्ट पहनती थी लेकिन अंदर कुछ अजीब दिखा। दी कि शर्ट से अंदर वाइट ब्रा मुजे दिखी लेकिन सुबह तो मैने खुद उन्हें स्किन कलर की ब्रा पेंटी वॉर्डरोब में से निकाल कर दी थी।दी मेरी बात समझ गई और मुस्कुरा के मेरा हाथ पकड़ के अपनी दोनो चुची थमाई।

में दी कि चुचिया अब अच्छी तरह से सहला रहा था दोनो ऊपर नीचे ब्रा के साथ हो रही थी। जिससे दी को मजा आने लगा था। मेने दी को पूछा कि दी आज कोन से कलर की है दी ने कहा सही है तुझे कैसे पता होगा? तू थोड़ी न हररोज़ देखता है कि मैने क्या पहना है। दी अब मेरी ले रही थी पिछले दिनों से दी सुबह नहाने के बाद उनकी लॉन्जरी(ब्रा पेंटी स्टोक्स वगेरा), ऑफिसवेर ,केजुअल दूसरे सभी कपड़े मुजसे लाने को बोलती थी और शाम को मेरे सामने ही अपने कपड़े नीचे होल से सटे रुम में चेन्ज करती थी जो हाल में मेरा ही रूम था दी का कमरा तो ऊपर का है।

में होल में बैठा दी के मखन जैसे बदन को ताकता हुआ हुस्न के प्याले पिया करता था। लेकिन थोड़े दिन पहले दी मुजसे उनको चुदाई से मना करने पर नाराज़ थी मुज से बात ही नही करती थी अपना सेक्सी बदन हररोज दिखाती थी मुजे छूती थी लेकिन बात करना बंद था। जिद पे अड़ी थी लेकिन इस मे उनका कोई कसूर न था। मेने उनको कैसे मनाया वो में आपको आगे बताऊंगा।

कार में अब दी के साथ मेरी भी बदन की गर्मी बढ़ रही थी। मेने दी के गाल को सहलाक़े अपनी एक उंगली दी के मुह में डाल दी जिससे दी उंगली को चूसने लगी। मेने उनको देखते कहा दी कमाल की चूसती हो आप दूसरा कूछ ट्राय करोगी? दी ने मेरा मजाक उड़ा कर कहा कि छोटी चीज़े मुजे चूसना पसन्द नही और हस पड़ी। में जोर से चिलाया दी…।

दी ने मेरा 6 इंच का लन्ड कई बार देखा है और उन्हों ने मुजे जीजू के लन्ड का भी बताया था। में ने दी से कहा में कोई अफ्रीका वाला थोड़ी हु के नौ दस इंच का लन्ड लेके घूमता रहूं और वैसे आप मुझसे चुदने को राजी इसलिये नही हो कि मेरा लन्ड जीजू से भी बड़ा है पर इसलिये की में जीजू से अच्छी चुदाई करता हु लेकिन उसे ज्यादा आपको चुदाई में रोमांस पसन्द है। जीजू चढ़ के उत्तर जाते है उनको सिर्फ पेलना आता है प्यार से चुदाई करना नही।

दी को लगा कि में बुरा मान गया और वो मेरे ऊपर आके मुजे किस करने लगी और सोरी बोला मेने दी के गाल और चुचिया सहलाते प्यार से बोला की मुजे बुरा नही लगा है दी। मेंने सिर्फ सच बोला है तब दी मेरी आंखों में जाकती रही और उनके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान थी। अब दी अपने सीट पर गई और मेरे पेंट की बेल्ट और ज़िप खोलने लगी। मेरा लन्ड तो कब का दी के होठों की ताक मे था दी ने भी लन्ड हाथ मे लिया और सीधे लन्ड पर ज़ुक गई मेने अपनी सीट वापस ली और दी के सर पर पीछे हाथ फेरने लगा।

दी ने लन्ड का सुपाडा मुँह में दो तीन बार अंदर बहार किया बाद में अपनी जीभ के अगले हिस्से को शरारत से मेरी और देखते देखते लन्ड पे धीरे से घुमाने लगी थोड़ी देर में सीधा पूरा लन्ड नीचे तक अपने मुह में ले लिया। दी के मुह में जीजू का लन्ड जा सकता है तो मेरा तो जाएगा में ये सोच रहा था तब दी के चुसने की स्पीड बढ़ रही थी। वो मेरा लन्ड पूरा मुह में लेती थी और अपने होठो से खीचते खीचते बाहर निकाल रही थी जैसे उनको चूसने की काफी आदत हो, वैसे दी को लन्ड चूसना पसन्द है पर उसे भी ज्यादा उनकी चुत में कोई जीभ घूमाता है तो दी ऐसा होने पर चुदाई के लिए पागल हो जाती है दी कि चुत मेने उस हरामी वेटर के कैमरे में देखी थी जिससे वो दी और उनकी फ्रेंड सुनीता को ब्लैकमेल करके दोनो की चुदाई करता था।

ब्लैकमेलर के साथ चुदाई में भी उनकी चूत में मुह नही गया था, दी कि चुत चिकनी मखन की तरह है और वो दो गुलाबी होठो के तो क्या कहने। मेने तो दी कि चुत देखते ही तय किया था की मेरे लन्ड से पहले उनकी चुत में मेंरा मुह घुसेगा। जीजू सिर्फ चुत में उंगली करते है उनको अपना मुह दी कि चुत में डालना अच्छा नही लगता दी बहोत कहती है गिड़गड़ाती है फिर भी नही करते। ये बात दी को अच्छी नही लगती थी सही भी है दोनो को मजा आना चाहिए सिर्फ लन्ड ही मजा ले तो कैसे चलेगा।

दी को अपना लन्ड चूसते हुए देख में ख़ुशी से पागल हो गया दी ने उपर देख कर मुस्कराई और चूसना चालू रखा। मेने दी को गर्म करने के लिए उन्हें कहा कि दी आपको ये चूसने वाला ही मजा आज रात को मिलेगा पर मुझसे भी ज्यादा आई प्रोमिस। ये सुनकर दी ने तुरत मेरे लन्ड को उपर की और ज़ुकाया जिससे मेरे दोनो लड्डू ऊपर आये। अब क्या होगा ये सोच कर ही मेरे लन्ड में एक जैसे बिजली का करंट लगा में थोड़ा सीट पर से उतेजित होकर उठ गया।

दी अपनी सीट पर अपने दोनों पैर मोड़ दिए दो सीट के बीच रखे तकिये के ऊपर से मेरे जाघ पर सर रख कर मेरा लन्ड चूस रही थी। दी मेरे एक लड्डू को मुह में डालकर अंदर जीभ से उसे सहलाने लगी मेने दी का नाम लेके आँखे बन्ध कर ली ये कमाल की फिलिंग थी जिसने ये महसूस किया होगा उसे ये बात समझ आ जायेगी मेरे बदन में खून तेजी से चलने लगा था और सास फुलने और धड़कन तेज हो गयी थी।

जब आँखे खोलकर दी को देखा तब मेरे दिमाग मे वो दी कि सेक्स टेप चलने लगी थी जो मेने उस कमीने वेटर से छीन कर अपने पास छुपाके रखी थी। दी और उनकी फ्रेंड सुनीता की ब्लैकमेलर के पास सेक्सटेप ये सब बातें में आपको बाद में कहूंगा अभी तो में झड़ने वाला था।

दी मेरे दोनो लड्डू अपने होंठों से खींच रही थी जिससे दी के मुहसे लार टपक कर मेरी ब्रीफ में गीर रही थी में अपने लन्ड से कंट्रोल खो रहा था मेने तुरन्त ही दी के मुह को ऊपर उठाया ।दी ने मेरे सामने देखते उनके मुह को नेपकिन से साफ़ किया।ये देख कर में सिर के पीछे हाथ रख कर दूसरा कुछ सोचने लगा ताकि में लन्ड को काबू कर सकू। फिर भी थोड़ा रस तो निकल गया था। दी भी थोडी देर मुज पर ज़ुक गई और सर मेरे सीने पर रख शर्ट के बटन हाथ से घुमाने लगी। मेने अपने बाये हाथ से उनको मेरी और भिचा और उनके बाल सूंघने लगा।

मेरा लन्ड अभी भी खड़ा ही था थोड़ी देर बाद घड़ी देखी तो अभी छे तीस बज रहे थे। मेने दी को घड़ी दिखाके कहा कि दी सोरी आपकी बारी आते आते देर हो जायेगी उन्हों ने जुठ का मुह बनाया तो मेने कहा मि मेंने आपके ऊपर वाले होंठो को जितना चूमा है उसे ज्यादा नीचे वाले होंठो को चुमुंगा दी आपकी चुत को आज रात को लाल कर दूंगा। ये सुनते ही दी ने मुजे इतनी जोर से गाल पर काटा की वह पे दांत बेठ गए मेरे मुह से हल्की चींख निकल गई बाद में दी ने उस जगह प्यार से अपनी जीभ घुमाई

और थोड़ी दूर होके अपने शर्ट के बटन खोलते कहा की ये सुनके मेरी पेंटी ज्यादा गीली हो गई है। उनको चिपचिपा लग रहा था मेने उनको कहा आगे जाके बदल लेना मेरे सामने मत निकालना मुझसे रहा नही जायगा। दी ने हसके अपना सर हिलाते कहा तेरा आज चले तो मुजे बीच सड़क लेटा दे।और सही में मुजमें दी की चूत मारने की इतनी आग भड़की थी कि में दी को कही पे भी चोदने को तैयार था।

दी अब काफी गर्म थी इसलिये अब शर्म छोड़कर बोल्ड हो गई थी। वैसे तो मेरे साथ दी जीजू के साथ सेक्स की, उनकी पर्सनल फिलिंग, दोनो के लन्ड चुत की बाते करने में कभी शरमाई नही पर आज हम पहली बार रोमांस और चुदाई कर रहे थे इस बजह से शुरुआत में शर्मा रही थी। दी ने अपने शर्ट को पीछे से नीचे उतार दिया लेकिन स्लीव के बटन नही खोले जिससे उनके हाथ कोहनी तक शर्ट के अंदर थे शर्ट पीछे से उनकी सीट पर गिर गई थी।दी ने अपनी चुचिया दोनों हथेली से छुपाकर मुजे आंख मारी। दी को पता था मुजे सेक्सी ब्रा में चुचिया बहुत अच्छी लगती है।

दी ने उस दोपहर को ही वाइट हाफ कप वाली सेक्सी ब्रा पेंटी खरीद कर पहन ली थी दी कि ब्रा में से चुचीया बहार आने को मचल रही थे दी कि निपल्स तनी दिख रही थी वो नज़ारा देख कर मेरा मुह खुला रह गया और मेरा मुह सुख गया मेने गले के नीचे थूक उतरा तो गप्प की आवाज़ आयी ये सुन कर दी मुस्करा गई। दी बोली आज दोनो वाइट कलर की है लेकिन मेरा ध्यान तो उनकी ब्रा में कैद चूचियो पर था इसलिए सुनाई नही दिया उन्हों ने मेरा मुह उंगली से नीचे से बन्ध किया।

तब मेरा ध्यान दी पर गया और मैने पूछा क्या दी?तब दी हसके जोर से बोली कि आज ब्रा पेंटी दोनो वाइट कलर की पहनी है तब मुजे थोड़ी देर पहले का वाकया याद आया की मेने उनसे कलर पूछा था ये याद करते में भी हस पड़ा। मेने बोला अब मुजे पता चल गया दी थैंक यू।

में ने दी को सहलाते बोला मुजे भी आपके साथ शॉपिंग करनीं थी थोड़ी चेंज रूम में मस्ती हो जाती।दी ने भी कहा कि ये भी करेंगे लेकिन आज तुम्हें सरप्राइज जो देनी थी। मेने अपना लन्ड पकड़के कहा मोगेम्बो बहोत खुश हुआ। दी हस पड़ी मेने दी कि ब्रा पर हाथ रखा तो दी ने कहा की दूसरा कुछ मत करना मुझसे भी रहा न जायेगा मेने चुची सहलाते कहा क्या न करु? अभी चुची बहार निकाल के चूसना मत दी ने बोला और सीधी मेरे लन्ड पर ज़ुक गई। कोई बात नही दी, इसे भी रात को लाल ही होना है मेने दी कि नंगी पीठ को अपने हाथ से सहलाते कहा। दी की पीठ सहलाते पूछा की आपने शेव किया की नही? दी ने झपक से बोला कि नही किया है तो तू कर देना मेने बोला आई लव इट। वे मुस्कराके बोली आज नही थोड़े दिन के बाद तुजे चांस मिलेगा।

दी अब मेरा लन्ड मेरे सामने देख कर हाथ से हिला रही थी में दी कि पीठ पर अपनी उंगली को ऊपर से सरकाते हुए नीचे स्कर्ट की अंदर जाने दी उनकी स्कर्ट पीछे से खिंची तब मुजे उनकी पेंटी लाइन दिखी मेरा मन अंदर हाथ डालने का था स्कर्ट टाइट थी इसलिये मेने वो छोड़ दी और पीठ का ऊपरी कंधे और दी कि पीछे वाली गर्दन वाला हिस्सा इतनी जोर शोर से चूमने चाटने लगा की दी के मुह से मेरा लन्ड और आह दोनो साथ निकल गए।

मेंने दी की पीठ पर दांत गडाये दांत से ब्रा के स्ट्रेप को खींच कर के छोडा जिस से पट पट आवाज़ आ रही थी।ब्रा स्ट्रेप दी के कंधों से नीचे उतर आया तो में वापस पीछे जुका और देखा साइड में से दी के गोल गोरे सन्तरे आधे बहार लटक रहे थे। दी कि नंगी पीठ,उसके ऊपर सेक्सी ब्रा और आधी बहार निकली मखन सी चुचिया वो देखके में इतना गर्म हुआ था की रात को ये सब फुरसत से मिलेगा ये सोचकर मेरा लन्ड झड़ना शुरु हो गया।

दी ने समज गई की अब में लोड छोड़ दूंगा वैसे भी में और मेरा लन्ड दी की अदा पे पेहले से हार ही चुके थे अब तो सिर्फ पिचकारी मारना बाकी था। दी ने मेरे लन्ड को सीधा किया और सिर्फ सुपाडे के ऊपर अपने होंठ ऐसे रखे जैसे स्ट्रो डालकर कोल्डड्रिंक पि रही हो लन्ड के छेद को जोर से चूसने होंठों से अंदर से पानी खीचने लगी। मुजे वो खिंचाव लन्ड पर आ रहा था में फील कर रहा था और जबरजस्त मजा आ रहा था।

ये तो नया अनुभव था सच मे मेरी दी सेक्स की क्विन थी जो में आज मान गया। मेरे लन्ड ने जबरजस्त पिचकारी दे मारी मेरे मुह से ओह दी निकल गया मेंने स्टीयरिंग व्हील इतने जोर से दबाया की मेरे हाथ लाल हो गए। मेने दी को पहला झटका खाने के बाद भी रोका नही क्योंकि उससे मजा किरकिरा हो जाता दी के सिर को दबाने से उनको चोट भी लग सकती थी।

मेंने अपना सर पीछे रख कर आँख बन्ध कर दी के नशे में चल गया। दी अभी भी मेरा लन्ड चूस रही थी।कुछ देर तक मुजे होश न रहा। थोड़ी देर बाद दी को अपने सीने के ऊपर पाया। और में ने प्यार से बोला दी थैंक यू वेरी मच आप को पाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा लककी आदमी हैं में जीजू को वापस यहाँ नही आने दूंगा। दी मुजे बस मुस्कुराते हुए सुनती रही और प्यार से देखती रही जैसे उनको कोई ख़ज़ाना मिल गया हो। आप ये बात अन्तर्वसनसेक्सस्टोरी पर पढ रहे है

मेरा ध्यान बाद में गया के दी ने मेरा पूरा गाढ़ा पानी पी लिया है तब में हैरान रह गया क्योकी दी जीजू का स्पर्म कभी नही पीती कभी घुस जाए तो मुह के बार निकाल देती है लेकिन मेरा तो पूरा गटक गई थी। दी को ये पूछा तो बोली तुज में और अमित में फर्क है में उनकी हु लेकिन तू मेरा है। ये कह दी ने अपनी सारी दिल की बात जता दी थी।

जैसे मुजसे उनके तन के साथ मन की प्यास भी बुझने वाली थी ये सुनकर मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया और एक लहर फिर से मुजे में दौड़ पड़ी मेने दी की पीठ को दोनो हाथो से पकड़कर इतना जोर से मेरी और भिचके उनको इतनी जोर से किस किया कि थोदी देर में दी को सांस लेने में दिक्कत हो गई। जब मैने उनको छोड़ा तो मेरे सामने हांफते ऐसे देख रही थी जैसे कह रही थी कि में उनसे ऐसे ही चुदाई और प्यार करता रहु।

मेने दी के चेहरे पे आये हल्के बालो को हटाया उनकी पोनी बिखर गई थी दी ने मेरे लन्ड के ऊपर बैठे ही अपने बालों को हाथो से बांधना शुरु किया उनकी शेव की हुई दोनो चिकनी आर्मपिट दिखाई पड़ी तो मेने सोचा आज दी ने अपनी गुलाबी चुत भी शेव की ही होगी वे दोनों शेव साथ मे ही करती है उन्हों ने मुजे कहा था इसलिए आज तो चिकनी शेव की हुई गुलाबी सेक्सी चुत हाथ लगने वाली है।

ये सोचके में मन मे मुस्काया और बोला की पता है कितनी सेक्सी लग रही हो इस पोजीशन में आप।दी जान गई की में उनकी चुत के बारे में सोच रहै हु तब दी ने कहा पूरा बदन पिछले दो दिनों से ऐसा ही सवारके रखा है के कब तेरा लन्ड मुजे देख खड़ा हो जाये और तू आके मुजसे लिपट जाए।

मेने दी को कहा आप को पता था कि एक दो दिन में हम चुदाई करेंगे?दी बोली की चुदने को तो में कबसे तैयार थी तुजे उसदिन कहा भी था तब तूने कहा था कि जब दोनों को एकदूसरे के देखे बिना चेन न आये, दिन रात एकदूसरे की याद में निकले, अंदर से कोई आग चुदने के लिए भड़क उठे तब हम चुदाई करेंगे। पिछले दो दिनों से मेरा ये हाल था जब से तू अपने के दोस्त के साथ दो दिन से बाहर गया था।

मेने बोला प्लीज़ दी बुरा मत मानो आप। मेने आपसे कहा तो था जब रोमांस बढ़ेगा तभी तो चुदाई की अलग फीलिंग होगी ना। अब देखना आप मुजे रोकोगी ये कहकर की बस कर तेरी दी कितनी बार चूदेगी तुजसे। आज से मेरा एक ही काम है आप की चुदाई और कुछ नही अब ये शुरू होगा। मुजे अब आपको चोदने की प्यास लगी है ये सुनकर दी की आंखो मे आँसू आ गए और बोली के मेरे अंदर भी तुजसे चुदने की आग लगी है आज उल्टा सीधा बोलके मना मत करना। दी के आंसुओं को मैने प्यार से पोच दिया और उनकी आंखों को धीरे से चुम के कहा अब तो सिर्फ आप उल्टी सीधी होकर चुदोगी दूसरा कुछ नही होगा।

ये सुन दी हस पड़ी और मेरे सर को अपने सीने से सटाकर बोली दी की चुदाई में कुछ बाकी मत रखना। तब उनकी गोरी चुचिया ब्रा में से तनके मेरे मुह में आ गई मेने ये मौका नही गवाया और उनकी गली में अपनी जीभ फिराने लगा और दोनों हाथों से गोल चुचे सहलाने लगा।

दी मेरी और देख के जैसे मुजे कह रही थी मेने वो याद किया की दी ने उनकी सेक्सी चुचि यहां पे चूसने को मना किया था।दी को कहा के नही करूँगा, बालो को ठीक करके वो अपनी सीट पे जाने लगी तो मैने रोकना चाहा दी ने कहा प्लीज़ अब रुक जा मत कर। क्योकि दी तो अभी प्यासी ही थी उनका पानी कहा निकला था? उनके चेहरे की उदासी देखकर मैने सोरी बोला और पीछे पड़ी उनकी शर्ट लेकर दी को घूम जाने को कहा।

दी अब मेरे तने लन्ड पर स्टियरिंग पर अपने हाथ रख के बैठी थी मेने उनको शर्ट पीछे से पहनाया बाद में ब्लेज़र, फिर दी को पीछे से कान पे चूमकर थेंक्स बोलकर अपने दोनो हाथो से चुचिया पकड़कर खुद से भींच लिया और उन्होंने वापस मुड़ के मेरे होठों को चूमके थेँक्स और लव यू कहा। जब घड़ी देखी तो सात बजे थे और हम जल्दी से खुद को ठीकठाक करके घर की और निकल गये।

आप सभी दोस्त अपने लन्ड और चुत को थाम के बैठे, आगे की और पहले की कहानी में आपको बताता रहूंगा। कहानी पढने के लिए धन्यवाद शुक्रिया।ये भाग कैसा लगा मुजे लिखयेगा। मेरा मैल आइडी [email protected] है।

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